Monday, July 22, 2019

किरीट – विमला (भुवनेशी) शक्तिपीठ/Kirit - Vimala (Bhubaneshi) Shaktipeeth.

किरीट – विमला (भुवनेशी) शक्तिपीठ/Kirit - Vimala (Bhubaneshi) Shaktipeeth.

पश्चिम बंगाल की हुगली नदी के तट पर लालबाग कोर्ट के किरीट कौन ग्राम पर किरीट शक्तिपीठ स्थित है धार्मिक ग्रंथों और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर इस शक्तिपीठ पर माता सती के शीश का मुकुट गिरा था|

किरीट – विमला (भुवनेशी) शक्तिपीठ/Kirit - Vimala (Bhubaneshi) Shaktipeeth.behtreenkhabar
किरीट – विमला (भुवनेशी) शक्तिपीठ/Kirit - Vimala (Bhubaneshi) Shaktipeeth.

धार्मिक मान्यताओं के आधार पर शक्तिपीठों के बारे में जानकारी/Information About Shakti Peethas Based On Religious Beliefs.

धार्मिक ग्रंथों और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर ऐसा कहा जाता है के शिव शंकर जी की धर्मपत्नी माता सती के पिताजी दक्ष प्रजापति जी ने एक बहुत ही बड़े यज्ञ का आयोजन किया, उसमें उन्होंने सभी देवताओं को आमंत्रित किया, किंतु उन्होंने अपनी पुत्री माता सती और उनके पति शिव शंकर जी को आमंत्रित नहीं किया, जिससे नाराज होकर माता सती बिना अपने पति  की आज्ञा से अपने पिता दक्ष प्रजापति के यज्ञ समारोह में चली गई, वहां जाकर दक्ष के द्वारा उनको बहुत बुरा भला कहा गया और उनके पति शिव शंकर जी के बारे में दक्ष ने बहुत ही अपशब्द कहे, माता सती अपने पति के बारे में यह सब असहनीय शब्द सुन ना सकी और गुस्से में आकर उन्होंने अपने पिता दक्ष प्रजापति के यज्ञ में कूदकर अपनी जान दे दी,जब शिव शंकर जी को अपनी धर्मपत्नी माता सती की मृत्यु के बारे में पता लगा तो वह  बहुत ही गुस्से में आ गए और उन्होंने अपने रूद्र अवतार (वीरभद्र ) को दक्ष प्रजापति की हत्या के लिए भेजा उनके रूद्र अवतार (वीरभद्र )  ने दक्ष प्रजापति की हत्या कर दी ,लेकिन शिव शंकर जी अपनी धर्मपत्नी माता सती के शव को उठाकर पूरी दुनिया में भ्रमण करने लगे, जिससे धरती का संतुलन बिगड़ने लगा सब और त्राहिमाम त्राहिमाम होने लगा ,सब देवता गण धरती की यह दशा देखकर धरती के संचालन श्री नारायण जी के पास गए , तब नारायण जी ने अपने चक्र सुदर्शन चक्र की सहायता से माता सती के अंगों को 51 भागों में विभाजित कर दिया , यह 51  अंग जहां जहां पर गिरे आज के युग में वहीं पर माता जी का भव्य मंदिर का निर्माण किया हुआ है आपको बता दें जहां जहां   माता सती जी के 51 अंग  गिरे वही 51 जगह 51  शक्ति पीठ कहलाए|


किरीट विमला शक्ति पीठ के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी/Some important information about Kirit Vimala Shakti Peeth.



स्थान: किरतेश्वरी, पश्चिम बंगाल 742104
समय: सुबह 06:00 खुलने का समय  और रात 10:00 बजे बंद होने का समय
आरती के दौरान, मंदिर थोड़ी अवधि के लिए बंद रहता है।
यात्रा करने का सर्वोत्तम समय: अक्टूबर से मार्च
निकटतम रेलवे स्टेशन: किर्तेश्वरी मंदिर से लगभग 3.2 किलोमीटर की दूरी पर दहपारा रेलवे स्टेशन।
निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा किरीतेश्वरी मंदिर से लगभग 239 किलोमीटर की दूरी पर।
प्रमुख त्योहार: विजयादशमी, दुर्गा पूजा और नवरात्रि।


पुराणों और ग्रंथों के आधार पर किरीट विमला को मुक्तेश्वरी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस स्थान पर माता सती जी का  मुकुट गिरा था किरीट विमला शक्ति पीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है यहां की शक्ति विमला अथवा भुवनेश्वरी तथा भैरव संवर्त  है|

51 शक्तिपीठो के बारे में जाने

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