Friday, March 8, 2019

8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

क्या आपको पता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है इसके पीछे कौन सा राज है आखिर क्यों 8 मार्च के ही दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है आइए आज हम आपको बताते हैं के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है क्या है इसके पीछे ?  आइए जानते हैं|


8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस


8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

यह तो हम जानते ही हैं 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन यह प्रथा कब शुरू हुई,क्या 8 मार्च को कुछ ऐसा हुआ था जिससे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया गया,वैसे तो पूरे दुनिया भर में यह प्रथा सालों से चली आ रही है 8 मार्च को हम और पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है लेकिन यह प्रथा कब शुरू हुई और क्यों शुरू हुई आइए जानते हैं|


कब शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

दरअसल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एक मजदूर आंदोलन में से निकल कर आया इसकी शुरुआत साल 1960 में हुई,सन 1960 में 15000 महिलाओं ने एक मजदूर आंदोलन के रूप में मार्च निकाला, इसका मेन मकसद यह था कि उनको भी मर्दो के मुकाबले नौकरी मिले, और मर्दों के मुकाबले ज्यादा वेतन मिले, इसके पीछे एक और मकसद महिलाओं का था ,जो यह था कि महिलाओं को भी मतदान करने का अधिकार मिले,जिसके 1 साल बाद सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने उस दिन को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया|


पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कैसे बना?

 महिला दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाने का आइडिया भी एक महिला का ही था,साल 1911 में सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया जर्मनी स्वीटजरलैंड और डेनमार्क में सबसे पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया,साल 1975 में महिला दिवस को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता उस वक्त दी गई जब  संयुक्त राष्ट्र ने इसे हर साल एक थीम के रूप में मनाने के लिए कहा|


आखिर 8 मार्च को ही क्यों अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस चुना गया ?

कभी ना कभी आपके मन में यह ख्याल जरूर आया होगा कि आखिर 8 मार्च का दिन ही क्यों चुना गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने के लिए आखिर क्या था इस दिन में जो 8 मार्च को ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को मनाया जाने लगा,दरअसल 1917 में युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने ब्रेड एंड पीस की मांग रखी इसका मतलब यह था "खाना और शांति", रूस की महिलाओं ने खाना और शांति को लेकर एक हड़ताल की महिलाओं की हड़ताल में वहां के सरताज निकोलस को अपना पद त्यागने के लिए मजबूर कर दिया,और आखिरकार सरकार ने महिलाओं को मतदान का अधिकार दे दिया,जिस दिन महिलाओं ने यह हड़ताल शुरू की उस दिन तारीख 23 फरवरी  थी, बिग ओरियन कैलेंडर में यह तारीख 8 मार्च थी,तब से 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया गया|


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